इटावा में राजनीतिक उलटफेर, वरिष्ठ नेता मोहम्मद शीश ने पीस पार्टी छोड़ कर AIMIM की सदस्यता ग्रहण की।

 इटावा की राजनीति में बड़ा बदलाव, वरिष्ठ नेता मोहम्मद शीश ने पीस पार्टी छोड़कर AIMIM का दामन थामा


इटावा।

जनपद इटावा की सियासत में उस समय एक अहम मोड़ देखने को मिला जब शागिरान निवासी वरिष्ठ और अनुभवी नेता जनाब मोहम्मद शीश साहब ने अपने साथियों  साथ पीस पार्टी को अलविदा कहकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सदस्यता ग्रहण की। यह सदस्यता कार्यक्रम AIMIM इटावा के ज़िलाध्यक्ष शमशाद हुसैन वारसी के नेतृत्व में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।



इस राजनीतिक घटनाक्रम को इटावा की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि मोहम्मद शीश साहब लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और ज़मीनी स्तर पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।



AIMIM में शामिल होने के बाद मोहम्मद शीश साहब एवं उनके साथियों ने ज़िलाध्यक्ष शमशाद हुसैन वारसी को बुके और माला पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। AIMIM ज़िंदाबाद और संगठन मज़बूती के नारों से माहौल गूंज उठा।

इस अवसर पर संगठन की मजबूती, आगामी चुनावों की रणनीति, अल्पसंख्यकों के अधिकार, जनहित के मुद्दों और ज़मीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मोहम्मद शीश साहब ने सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा कि उन्होंने यह फैसला किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और मज़लूम तबके की आवाज़ को मजबूती देने के उद्देश्य से लिया है। उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक हालात में AIMIM ही एक ऐसी पार्टी है जो बिना डरे, बिना झुके गरीबों, मज़लूमों और मुसलमानों के हक़ की बात संसद से लेकर सड़क तक उठाती है।

उन्होंने आगे कहा कि पीस पार्टी में रहते हुए उन्होंने काफी समय तक संघर्ष किया, लेकिन अब उन्हें महसूस हुआ कि AIMIM की सोच, नीति और नेतृत्व ज़्यादा मज़बूत और साफ़ है। इसी विचारधारा से प्रेरित होकर उन्होंने अपने साथियों के साथ AIMIM में शामिल होने का निर्णय लिया।

AIMIM इटावा के ज़िलाध्यक्ष शमशाद हुसैन वारसी ने मोहम्मद शीश साहब का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि यह AIMIM परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि मोहम्मद शीश जैसे अनुभवी, संघर्षशील और ज़मीनी नेता के पार्टी में शामिल होने से संगठन को नई दिशा और ताक़त मिलेगी।उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में AIMIM इटावा में एक मज़बूत राजनीतिक विकल्प बनकर उभरेगी और हर उस आवाज़ को ताक़त देगी जो अब तक दबाई जाती रही है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मोहम्मद शीश साहब के AIMIM में शामिल होने से पार्टी को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लाभ मिलेगा। उनके साथ जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रियता से संगठन को ज़मीनी स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी विश्वास जताया कि AIMIM आने वाले चुनावों में इटावा की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में AIMIM का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। पार्टी ने देशभर में मज़लूमों, मुसलमानों और गरीबों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और अनुभवी नेता पार्टी से जुड़ते जा रहे हैं।

इटावा में भी AIMIM धीरे-धीरे एक मज़बूत संगठन के रूप में उभर रही है, और मोहम्मद शीश साहब का पार्टी में शामिल होना इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।



अंत में AIMIM परिवार की ओर से जनाब मोहम्मद शीश साहब और उनके साथियों का दिल से इस्तक़बाल किया गया। सभी ने एकजुट होकर संगठन को मज़बूत करने और जनहित के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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